8 जनवरी 2013 - 20:30

हज़रत अबू अब्दिल्लाहिल हुसैन अलैहिस्सलाम ज़रीह की स्थापना के अवसर पर लगभग पचास हजार लोगों ने हिस्सा लिया जिसमें विभिन्न इलाक़ों जैसे गुजरात और महाराष्र्र के लगभग पचास बड़े उल्मा भी शामिल थे. ...

हज़रत अबू अब्दिल्लाहिल हुसैन अलैहिस्सलाम ज़रीह की स्थापना के अवसर पर लगभग पचास हजार लोगों ने हिस्सा लिया जिसमें विभिन्न इलाक़ों जैसे गुजरात और महाराष्र्र के लगभग पचास बड़े उल्मा भी शामिल थे. जिसका विमोचन ईरान के इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई के हिंदुस्तान में ख़ास प्रतिनिधि हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन महदी महदवीपूर के हाथों अंजाम पाया।इस ख़ास बैठक और प्रोग्राम के एकमात्र स्पीकर हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन महदी महदवीपूर थे, उन्होंने अपनी स्पीच में कहा हज़रत इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम ने फ़रमाया है:हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की शहादत ने मोमिनों के दिलों में ऐसा ग़म और शोक भर दिया है जो कभी दिलों से मिटने वाला नहीं है।इतिहास में दुश्मनों की तरफ़ से इस बात की बहुत कोशिश की गई कि हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के नाम और उनकी याद को सिरे से मिटा दिया जाए, लेकिन उन्हें इस बात में कामयाबी नसीब नहीं हुई. बल्कि आज लाखों करोड़ों लोगों के दिलों में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की मुहब्बत पहले से कहीं अधिक व्यापक स्तर पर मौजें मार रही है और यह प्यार केवल मुसलमानों के दिलों में ही नहीं बल्कि हिंदुस्तान जैसे मुल्क के सभी लोगों चाहे वह हिंदू हों या मुसलमान, सिख हों या बौद्ध धर्म के मानने वाले , सभी इमाम हुसैन अ. की मुहब्बत मे मालामाल हैं।और इस तरह की बारगाहें और ज़रीह आदि जो हिंदुस्तान के सभी इलाक़ों में मौजूद हैं हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की याद को जिंदा रखती है और वास्तव में आप लोग इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के सम्मुख यह ऐलान करते हैं कि मेरे मौला अगर किसी ने आपकी गुहार “ھل من ناصر ینصرنی”  “हल मिन नासिरिन यनसुरनी” नहीं सुनी या उस पर कान नहीं धरा, तो कोई बात नहीं आज हम इस मुल्क के लाखों, करोड़ों लोग आपके फिदाई और प्रशंसक और आपकी राह पर साबित कदम रहने वाले वफादार और आपके लिये अपनी जान निछावर कर देने वाले हैं।फिर आपने एकता और यूनिटी की ओर इशारा करते हुए कहा:मैं बहुत ही विनम्रता के साथ आपसे अनुरोध करता हूँ कि आज जबकि आपने इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के नाम पर यह शिविर लगाकर जिस एकता का सबूत पेश किया है उसी तरह दुश्मनों, षड़यंत्रकारियों तथा मतभेद और फूट से बचे रहें। क्योंकि दुश्मन आप के बीच फ़ूट डालना चाहते हैं।फिर हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन महदी महदवीपूर ने ईरान के सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई और सभी मराज-एतक़लीद का सलाम लोगों तक पहुंचाया।......166www.welayat.in/hindi